Amazing Indian Places || snakes are reared here || Somewhere stone flies

देखी हैं ऐसी रोचक जगह, कहीं उड़ता है पत्थर तो.. यहां लोग पालते हैं सांप

आपने दुनिया के तमाम ऐसी अजीबोगरीब जगहों के बारे में सुना होगा, लेकिन क्या आप अपने देश की ऐसी जगहों के बारे में जानते है। अगर आप भारत के इन अजीबोगरीब स्थलों के विषय में नहीं जानते हैं तो आप हम आपको कुछ ऐसी ही जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे जानने के बाद शायद आपके रोंगटे खड़े हो जाए। लेकिन सच मानिए आपको इन जगहों की खासियत जानकर उतनी ही रोचक जानकारी भी मिलेगी। देखें तस्वीरों में इन जगहों की एक झलक….

1.काले जादू की भूमि मयोंग

देश के पूर्वी प्रदेश असम को काले जादू की भूमि के नाम से जाना जाता है। यहां गुवाहाटी से 40 किलोमीटर की दूरी पर बसा मयोंग गांव का नाम संस्कृत के शब्द माया से पड़ा है। जहां जादू-टोना पारंपरिक रूप से किया जाता है। साथ ही यह काम  पीढियों दर पीढियों तक चलाया जाता है। वहीं इस गांव के बारे ऐसा कहा जाता है कि यहां लोग हवा में गायब हो जाते हैं या फिर जानवर बन जाते हैं।

 

2.कंकालों की झील

उत्तराखंड में एक ऐसा झील प्रदेश है, जहां 600 से ज्यादा कंकाल हैं जो कि इस झील से पाए गए थे।  इस रहस्यमय झील को कंकाल झील के नाम से जाना जाता है। यह 9वीं सदी से है।

 

3.केरल में जुड़वा बच्चों का शहर

केरल में एक गांव है, जिसे जुड़वा बच्चों के शहर के नाम से जाना जाता है। इस छोटे से गांव कोदिन्ही सबसे ज्‍यादा जुड़वा बच्चे पैदा होते हैं। कोदिन्ही की 2000 की आबादी में से एक जैसे जुड़वां बच्चों की 350 जोड़ियां हैं। जो अपने में किसी हैरानी से कम नहीं है

 

  1. इस दरगाह का उड़ता पत्थर…

पुणे से लगे नेशनल हाइवे से थोड़ी दूर जाने पर शिवपुर नाम का गांव है, जो बाबा हजरत कमर अली की दरगाह के नाम से जाना जाता है। सालों पहले इस दरगाह में अखाड़ा हुआ करता था, जहां सूफी संत कमर अली का कुछ पहलवान मजाक उड़ाया करते थे। और इस से खफा हो संत ने उठाए जाने वाले इस 70 किलो के पत्थर पर अपना मंत्र फूंक दिया। उसके बाद से ही यह भारी पत्थर संत का नाम लेने के बाद ही उठाना संभव हो पाता है।

 

  1. मैगनेटिक हिल

लद्दाख में पड़ने वाला यह पहाड़ चुबकीय शक्ति से भरा हुआ है जो कि गाडियों को करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अपनी ओर बिना इंजन चलाए खींच लेता है। पर इसकी सच्चाई है कि ये सब ऑप्टिकल इल्युजन के कारण होता है। साथ ही जिसका मुख्य वजह गुरुत्वाकर्षण पहाड़ी है।

  1. राजस्थान का चूहों का मंदिर

यह मंदिर बीमानेर से 30 किलोमीटर की दूरी पर है, जिसके अंदर हजारों चूहे रहते हैं। यहां पर आने वाले भक्तों को इन्हीं चूहों का जूठा प्रशाद खाने को दिया जाता है। माना जाता है कि ये चूहे करणी माता के परिवार के सदस्य हैं। इन चूहों में 7 सफेद चूहे भी हैं जिन्हें काबा के नाम से जाना जाता है।

 

  1. ये धरती सांपों से भरी है…

महाराष्ट्र के शोलापुर जिले में शतपाल में सांपो की पूजा बड़े घूमधाम से होती है। साथ ही आपको बता दें कि यहां हर घर में सांपों के आराम के लिए एक विशेष तरह का छत बनाया गया है। सबसे बड़ी बात कि इन सांपों ने आजतक किसी इंसान को डसा तक नहीं है।

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